पृथु कथा
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: पृथु, राजा पृथु
पृथु की कथा पृथ्वी के दोहन और कृषि के आरंभ की कथा है। वेन नामक दुष्ट राजा के मारे जाने पर ऋषियों ने उसके शरीर से पृथु को उत्पन्न किया।
यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण के चतुर्थ स्कन्ध तथा विष्णु पुराण में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र पृथु, पृथ्वी, ऋषि और वेन हैं।
पृथु ने अत्याचारी राजा बनने से इनकार किया और पृथ्वी को गाय का रूप धारण कराकर दोहन किया, जिससे अन्न, औषधि और सब प्रकार की वस्तुएँ प्राप्त हुईं। पृथ्वी को पृथ्वी नाम उन्हीं से मिला। यह कथा कृषि, समृद्धि और धर्म-राज्य का प्रतीक है।
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – चतुर्थ स्कन्ध