सत्यवान
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: सत्यवान
सत्यवान द्युमत्सेन के पुत्र थे और सावित्री के पति। नारद ने उनकी अल्पायु बताई थी।
सत्यवान वन में माता-पिता की सेवा करते थे। विवाह के एक वर्ष बाद काठ फाड़ते समय उनके प्राण निकल गए और यम उन्हें ले गए।
सावित्री के प्रयास से उन्हें जीवनदान मिला। सत्यवान सत्य-निष्ठा और सावित्री के पातिव्रत-बल के प्रतीक हैं।
नाते-रिश्ते
- पिता: द्युमत्सेन
- पत्नी: सावित्री
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स्रोत: महाभारत – वन पर्व