देवयानी-शर्मिष्ठा
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: देवयानी, शर्मिष्ठा
देवयानी-शर्मिष्ठा की कथा शुक्राचार्य की पुत्री और दैत्यराज की पुत्री की कथा है। देवयानी और शर्मिष्ठा सखियाँ थीं, पर एक विवाद से उनका संबंध बिगड़ा।
यह कथा महाभारत के आदि पर्व में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र देवयानी, शर्मिष्ठा, शुक्राचार्य, वृषपर्वा और ययाति हैं।
शर्मिष्ठा ने देवयानी को कुएँ में गिरा दिया, जहाँ से ययाति ने उसे बचाया। देवयानी ने ययाति से विवाह किया और शर्मिष्ठा को दासी रूप में साथ रखा। शर्मिष्ठा से ययाति के पुत्र हुए। यह कथा प्रतिस्पर्धा, भाग्य और क्षमा का चित्रण करती है।
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व