उद्योग पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: उद्योगपर्व, उद्योग पर्व, पंचम पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
उद्योग पर्व महाभारत का पाँचवाँ पर्व है, जिसमें युद्ध को टालने के लिए अनेक शांति-प्रयासों का वर्णन है।
इसमें दुर्योधन-अर्जुन द्वारा श्रीकृष्ण को अपना पक्ष चुनने का प्रसंग और कृष्ण का हस्तिनापुर जाकर शांति-दौत्य करना प्रमुख है।
इसमें संजय-यान, विदुर-निति, द्रुपद-पुत्रों की कथा तथा भीष्म और अंबा का प्रसंग (अम्बोपाख्यान) आते हैं, जिससे युद्ध में भीष्म की भूमिका स्पष्ट होती है।
इसमें युद्ध से पूर्व दोनों पक्षों की सेनाओं का वर्णन और सेनापतियों की सूची है। अंत में युद्ध अनिवार्य हो जाता है और कुरुक्षेत्र की भूमि तैयार होती है।
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स्रोत: महाभारत, उद्योग पर्व