कपिल पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: कापिल पुराण
रचयिता / कर्ता: कपिल मुनि / परंपरा-प्रसिद्ध
कपिल पुराण अठारह उपपुराणों में से एक है, जिसके मुख्य वक्ता कपिल मुनि माने जाते हैं।
इसमें २१ अध्याय हैं और यह उत्कल (ओडिशा) के पुण्य-क्षेत्रों, पुरुषोत्तम-क्षेत्र, वाराह-क्षेत्र तथा एकाम्र-तीर्थ की महिमा का वर्णन करता है।
अन्तिम अध्याय में ज्ञान-योग का वर्णन है; यह ग्रन्थ कपिल की सांख्य-परम्परा से जुड़ा माना जाता है।
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स्रोत: Wikipedia (Kapila Purana); Wikipedia (Upapurana)