नरकासुर
महाभारत
अन्य नाम: नरक, नरकासुर
नरकासुर प्राग्ज्योतिष देश का असुर राजा था और उसे भूमि तथा वराह का पुत्र माना जाता है। वह अत्यंत क्रूर था और उसने अनेक राजाओं तथा कन्याओं को बंदी बनाकर रखा था। उसके अधीन मुर नामक दैत्य सेना का सेनापति था।
कृष्ण ने सत्यभामा के साथ गरुड़ पर सवार होकर प्राग्ज्योतिष पर आक्रमण किया। घोर युद्ध में मुर, नरक के अन्य सहयोगियों तथा स्वयं नरकासुर का वध हुआ।
वध के बाद कृष्ण ने नरकासुर द्वारा बंदी बनाई गई 16,100 राजकन्याओं को मुक्त किया और उनका आत्मसम्मान बचाने के लिए उन्हें अपनी पत्नियों के रूप में स्वीकार किया। यह कथा दिवाली के नरक चतुर्दशी पर्व से भी जुड़ी है।
नाते-रिश्ते
- माता: भूमि
- पिता: वराह
- सेनापति: मुर
- हत्यारा: कृष्ण
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स्रोत: महाभारत – सभा पर्व, हरिवंश पर्व