राणायनी शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: राणायनीय शाखा, राणायन शाखा
रचयिता / कर्ता: राणायन / परंपरा-प्रसिद्ध
राणायनी शाखा सामवेद की शाखा है; इसकी संहिता राणायनीय संहिता कहलाती है।
यह ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक (हव्यक समुदाय) तथा उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में प्रचलित रही है।
कुछ समय पूर्व यह शाखा संकट में थी, परन्तु काञ्ची कामकोटि मठ आदि संस्थाओं के प्रयास से इसे पुनर्जीवित किया गया है।
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स्रोत: harekrsna.com (The Vedic Shakhas); vedicheritage.gov.in