शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

ज्वालामुखी

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: ज्वाला देवी, ज्वालामुखी देवी

शक्तिपीठदेवीहिमाचल प्रदेशज्योति

ज्वालामुखी मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में, धौलाधार पर्वतमाला के निकट स्थित है।

यहाँ देवी की कोई मूर्ति नहीं है; गर्भगृह की भूमि से निकलने वाली पवित्र ज्वालाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है। देवी को ज्वालामुखी तथा सिद्धिदा कहा जाता है और भैरव उन्मत्त हैं।

कथा के अनुसार सती की जिह्वा यहाँ गिरी थी। मंदिर में सदा जलती ज्वालाएँ देवी का स्वरूप मानी जाती हैं और यहाँ प्रतिदिन दर्शन होते हैं। शक्तिपीठों की संख्या परंपरा-भेद से 51, 52, 64 अथवा 108 मानी जाती है।

प्रसिद्ध कथन

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

संबंधित

शक्तिपीठशक्तिपीठ यात्रादुर्गाशिव

स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध