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नर्मदा नदी

नदियाँ एवं पर्वत

अन्य नाम: रेवा, नर्मदा

नदीतीर्थशिव

नर्मदा का उद्गम मध्य प्रदेश के अमरकंटक (अनूपपुर जिला) से माना जाता है।

यह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती है। विंध्य और सतपुड़ा के बीच बहने के कारण इसका मार्ग विशेष माना गया है।

नर्मदा को शिव की पुत्री तथा मेकल (शोणभद्र) की पुत्री कहा गया है। नर्मदा-माहात्म्य में इसके दर्शन और स्नान से मुक्ति का वर्णन है। नर्मदा-तट पर ही ओंकारेश्वर और महेश्वर तीर्थ हैं, तथा इसकी पत्थर-गोलियाँ नर्मदेश्वर लिंग कहलाती हैं।

प्रसिद्ध कथन

गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिंधु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

संबंधित

शिवअमरकंटकविंध्य पर्वतओंकारेश्वर

स्रोत: नर्मदा माहात्म्य; स्कंद पुराण