अहल्या
रामायण एवं रामचरितमानस
अन्य नाम: अहल्या
अहल्या गौतम ऋषि की पत्नी थीं और उनके पुत्र शतानंद थे। वे अपने तप और पातिव्रत के लिए जानी जाती थीं।
इंद्र ने छल से गौतम का रूप धारण कर अहल्या का सतीत्व भंग किया। गौतम के शाप से अहल्या पत्थर बन गईं और वन में पड़ी रहीं।
रामायण के अनुसार विश्वामित्र के साथ जाते समय राम के चरण-स्पर्श से अहल्या शाप से मुक्त हुईं और गौतम के पास लौटीं। अहल्या की कथा क्षमा और उद्धार का प्रसिद्ध प्रसंग है।
नाते-रिश्ते
- पति: गौतम ऋषि
- पुत्र: शतानंद
- उद्धारक: राम
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
शाप-प्रसंग: इंद्र के छल से पत्थर बनीं; राम के चरण-स्पर्श से शाप से मुक्त हुईं।
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकांड