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सप्तपुरी

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: सप्तपुरी, सात मोक्षपुरियाँ

मोक्षनगरीतीर्थ

सप्तपुरी का अर्थ है सात पवित्र नगरियाँ, जिन्हें 'मोक्षदायिक' कहा गया है — अर्थात् इनमें निवास, दर्शन या मरण से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। गरुड़ पुराण में इनकी गणना एक श्लोक में मिलती है: "अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारवती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः॥"

सात नगरियाँ ये हैं — (1) अयोध्या (राम की जन्मभूमि), (2) मथुरा (कृष्ण की जन्मभूमि), (3) माया (हरिद्वार/मायापुरी), (4) काशी (वाराणसी, शिव की नगरी), (5) कांची (कांचीपुरम, कामाक्षी की नगरी), (6) अवंतिका (उज्जैन, महाकाल की नगरी), और (7) द्वारका (कृष्ण की नगरी)।

महात्व: बृहद्धर्म पुराण के अनुसार ये सातों नगरियाँ साधारण भूमि पर नहीं, बल्कि देवताओं के आयुधों या चिह्नों पर स्थित मानी जाती हैं। इन सातों के दर्शन को जीवन में पूर्ण करना अनेक श्रद्धालुओं का लक्ष्य होता है।

प्रसिद्ध कथन

अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारवती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः॥ (गरुड़ पुराण)

संबंधित

अयोध्यामथुराकाशीउज्जैनद्वारकाकांचीपुरम

स्रोत: गरुड़ पुराण; बृहद्धर्म पुराण