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तक्षक

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: तक्षक नाग, तक्षक राजा

नागपरीक्षितखांडव वनसर्पयज्ञजनमेजय

तक्षक नागवंश के प्रमुख राजाओं में से एक हैं और कश्यप तथा कद्रू की संतान माने जाते हैं। महाभारत और श्रीमद्भागवत पुराण में इनका उल्लेख बार-बार आता है।

खांडव वन के दहन के समय अर्जुन ने अनेक नागों को मारा, पर तक्षक इंद्र की सहायता से बच निकले। इसी घटना से अर्जुन और तक्षक के बीच शत्रुता मानी जाती है।

सबसे प्रसिद्ध प्रसंग यह है कि तक्षक ने राजा परीक्षित को डस लिया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। शमीक ऋषि के पुत्र शृंगी के शाप के कारण ऐसा हुआ। इसके बाद परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने तक्षक को पकड़ने के लिए विशाल सर्पयज्ञ कराया, जिसमें तक्षक इंद्र की शरण में चले गए।

नाते-रिश्ते

  • पिता: कश्यप
  • माता: कद्रू
  • भाई: वासुकि
  • वंश: नाग
  • शत्रु: अर्जुन

पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध

शृंगी के शाप से परीक्षित-वध का निमित्त

प्रसिद्ध कथन

महाभारत के आदिपर्व में तक्षक द्वारा परीक्षित को डसने का प्रसंग वर्णित है (भावानुवाद)।

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कश्यपनागपरीक्षितअर्जुनवासुकिशेषनाग

स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण, महाभारत