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सीता उपनिषद

ग्रंथ

अन्य नाम: सीतोपनिषद्

रचयिता / कर्ता: अपौरुषेय / परंपरा-प्रसिद्ध

उपनिषदशाक्तअथर्ववेद

सीता उपनिषद सीता देवी को परब्रह्म और परा प्रकृति बताने वाला शाक्त उपनिषद है। इसमें सीता को जगत की मूल शक्ति कहा गया है।

यह उपनिषद अथर्ववेद से जुड़ा है और इसे शाक्त उपनिषदों में गिना जाता है। इसमें सीता को माया, प्रकृति और ब्रह्मस्वरूपा बताया गया है।

इसका मुख्य सिद्धांत है कि सीता ही परा प्रकृति और ब्रह्म की शक्ति हैं, जिनसे यह जगत प्रकट होता है। प्रसिद्ध भाव है — सीता परा प्रकृति और ब्रह्मस्वरूपा हैं। (भावानुवाद)

प्रसिद्ध कथन

सीता परा प्रकृति और ब्रह्मस्वरूपा हैं। (भावानुवाद)

संबंधित

सीताप्रकृतिमायाउपनिषद

स्रोत: अथर्ववेद