इंद्रप्रस्थ
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: इंद्रप्रस्थ, खांडवप्रस्थ, पांडव राजधानी
इंद्रप्रस्थ यमुना के तट पर, वर्तमान दिल्ली के क्षेत्र में स्थित था। महाभारत में इसे खांडवप्रस्थ कहा गया, जिसे पांडवों ने बसाया।
राज्य-विभाजन में पांडवों को यह वन-क्षेत्र मिला, जिसे कृष्ण के सहयोग तथा मय दानव के निर्माण से भव्य नगरी बनाया गया। यहीं मयसभा बनी, जहाँ चौसर का खेल और द्रौपदी-वस्त्रहरण हुआ, जिसने महाभारत-युद्ध का बीज बोया।
इंद्रप्रस्थ को दिल्ली का प्राचीन नाम माना जाता है। यह पांडवों के राज्यकाल का केंद्र तथा युधिष्ठिर की सभा का स्थान रहा।
प्रसिद्ध कथन
'खांडवप्रस्थम् इंद्रप्रस्थम् अभवत्' — खांडवप्रस्थ इंद्रप्रस्थ बना। (भावानुवाद, महाभारत)
'मयेन निर्मिता दिव्या सभा' — मय दानव द्वारा निर्मित दिव्य सभा। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: महाभारत (सभा पर्व, आदि पर्व)