कांचीपुरम
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: कांची, कंची
कांचीपुरम तमिलनाडु में, वेगवती (पालार की सहायक) नदी के तट पर स्थित है। यह प्राचीन काल में पल्लव राजवंश की राजधानी थी। इसे सप्तपुरी (सात मोक्षदायिक नगरियों) में गिना जाता है और यह 'शिव कांची' तथा 'विष्णु कांची' — इन दो भागों में बाँटा जाता है।
यहाँ कामाक्षी अम्मन (देवी) का मंदिर, एकाम्रेश्वर (पृथ्वी-लिंग) तथा वरदराज पेरुमाल (विष्णु) के प्रसिद्ध मंदिर हैं। पल्लव और चोल काल में यहाँ मंदिर-कला अपने चरम पर थी।
महात्व: कांची को 'मोक्ष देने वाली' नगरी कहा गया है; कामाक्षी-कांची की गिनती कई मतों में 51 शक्तिपीठों में भी होती है। यहाँ शैव, वैष्णव और शाक्त — तीनों परंपराएँ साथ फलती-फूलती रहीं।
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स्रोत: स्कन्द पुराण; बृहद्धर्म पुराण