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राधा

स्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ

अन्य नाम: राधा, राधिका

भक्तिब्रजकृष्ण

राधा (राधिका) कृष्ण की प्रियतमा तथा ब्रज-भक्ति परंपरा की सर्वोच्च देवी मानी जाती हैं।

व्रज-परंपरा में वे वृषभानु और कीर्ति की पुत्री बताई जाती हैं; पुराणों में उनका वर्णन भिन्न-भिन्न रूपों में मिलता है।

श्रीमद्भागवत पुराण के रास-प्रसंग तथा गीत-गोविंद में राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला का वर्णन है; उनका प्रेम भक्ति और आत्म-समर्पण का प्रतीक माना जाता है। वैष्णव संप्रदायों (विशेषतः राधावल्लभ, निंबार्क आदि) में राधा को कृष्ण के साथ पूजित किया जाता है; ब्रह्मवैवर्त पुराण में उनकी महिमा विस्तार से है।

नाते-रिश्ते

  • प्रियतम: कृष्ण
  • पिता: वृषभानु
  • माता: कीर्ति

प्रसिद्ध कथन

हे माधव! तुम्हारे वियोग में यह ब्रज-भूमि भी मेरे लिए नीरस है। (परंपरा-प्रसिद्ध – भावानुवाद)

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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण / गीतगोविंद / परंपरा-प्रसिद्ध