लंका
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: लंका, लंकापुरी, त्रिकूट
लंका को रामायण में त्रिकूट पर्वत पर बसी रावण की स्वर्णनगरी कहा गया है। यह वर्तमान श्रीलंका में स्थित मानी जाती है।
कथा के अनुसार लंका मूलतः विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई थी और कुबेर की नगरी रही; बाद में रावण ने उसे प्राप्त किया। सीता-हरण के बाद राम ने सेतु बनाकर लंका पर चढ़ाई की और रावण का वध किया; विभीषण को लंका का राज्य मिला।
रामायण में हनुमान द्वारा लंका-दहन तथा अशोक वाटिका में सीता के दर्शन के प्रसंग हैं। हनुमान का सीता-मिलन और संदेश यहीं हुआ।
प्रसिद्ध कथन
'लंका त्रिकूटशिखरे शोभते' — त्रिकूट के शिखर पर लंका शोभित है। (भावानुवाद, रामायण)
'लंका सर्वसम्पन्ना' — लंका समस्त वैभव से युक्त थी। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण (सुन्दर, युद्ध काण्ड)