सूर्यवंश
वंशावली
अन्य नाम: सूर्यवंशी, आदित्यवंश, अर्कवंश, रविवंश
सूर्यवंश का आरम्भ ब्रह्मा के पुत्र मरीचि, उनके पुत्र कश्यप, कश्यप के पुत्र विवस्वान (सूर्य) और उनके पुत्र वैवस्वत मनु से माना जाता है। वैवस्वत मनु के पुत्र इक्ष्वाकु अयोध्या के प्रथम राजा हुए, इसलिए इस वंश को इक्ष्वाकु वंश भी कहा जाता है।
इस वंश में क्रमशः इक्ष्वाकु, विकुक्षि, ककुत्स्थ, मान्धाता, हरिश्चंद्र, सगर, भगीरथ, दशरथ और राम हुए। इसमें हरिश्चंद्र अपने सत्य के लिए, सगर अपने चक्रवर्ती पराक्रम के लिए और भगीरथ गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए प्रसिद्ध हुए।
इस वंश का वर्णन विष्णु पुराण, वाल्मीकि रामायण, श्रीमद्भागवत तथा कालिदास के रघुवंशम् में मिलता है।
नाते-रिश्ते
- वैवस्वत मनु
- इक्ष्वाकु
- विकुक्षि
- मान्धाता
- हरिश्चंद्र
- सगर
- भगीरथ
- राम
प्रसिद्ध कथन
क्व सूर्यप्रभवो वंशः क्व चाल्पविषया मतिः — कालिदास, रघुवंशम्
संबंधित
स्रोत: विष्णु पुराण, वाल्मीकि रामायण