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सुमाली

रामायण एवं रामचरितमानस

राक्षसरावण के नानालंका

सुमाली रावण के मातामह (नाना) थे। वे एक प्रबल राक्षस थे और सुकेश के पुत्र तथा माल्यवान और माली के भाई थे।

परंपरा के अनुसार सुमाली और उसके भाई प्राचीन लंका के शासक थे। देवताओं से पराजित होकर वे पाताल में रहने लगे। वंश बढ़ाने के लिए सुमाली ने अपनी पुत्री कैकसी को विश्रवा ऋषि के पास भेजा।

कैकसी और विश्रवा के संयोग से रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और शूर्पणखा का जन्म हुआ। इस प्रकार सुमाली राक्षस-वंश की उस शाखा के पूर्वज बने, जिसने लंका पर शासन किया। रावण का राक्षसी स्वभाव मातृ-पक्ष से सुमाली के वंश में ही माना जाता है।

नाते-रिश्ते

  • पुत्री: कैकसी
  • पिता: सुकेश
  • भाई: माल्यवान, माली
  • दौहित्र: रावण, कुंभकर्ण, विभीषण, शूर्पणखा

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कैकसीरावणविश्रवाकुंभकर्णविभीषण

स्रोत: वाल्मीकि रामायण – उत्तरकाण्ड