मोहिनी मूर्ति
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: मोहिनी
मोहिनी मूर्ति की कथा विष्णु की माया की कथा है। अमृत मंथन के बाद दैत्य अमृत लेने पर अड़ गए, तब विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया।
यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण के अष्टम स्कन्ध तथा विष्णु पुराण में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र विष्णु (मोहिनी), देवता, दैत्य, राहु और शिव हैं।
मोहिनी के रूप पर मोहित दैत्यों से विष्णु ने अमृत लेकर देवताओं को पिलाया; केवल राहु को अमृत मिला, पर उसका सिर काट दिया गया। शिव की मोहिनी पर परीक्षा की कथा भी जुड़ी है। यह कथा भगवान की माया और बुद्धि का प्रतीक है।
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – अष्टम स्कन्ध