राम रक्षा स्तोत्र
ग्रंथ
अन्य नाम: रामरक्षास्तोत्र, राम रक्षा स्तोत्रम्
रचयिता / कर्ता: बुधकौशिक (परंपरा-प्रसिद्ध)
राम रक्षा स्तोत्र श्रीराम का प्रसिद्ध रक्षा-स्तोत्र है, जिसके रचयिता परंपरा में बुधकौशिक ऋषि माने जाते हैं। इसे 'राम रक्षा स्तोत्रम्' भी कहा जाता है।
मुख्य विषय श्रीराम तथा उनके अंगों, परिवार और अस्त्रों की स्तुति के माध्यम से रक्षा की प्रार्थना है। स्तोत्र में राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान तथा राम-नाम की महिमा वर्णित है।
इसमें राम-नाम को अत्यंत पवित्र और पाप-नाशक बताया गया है। पाठ करने से रोग, शत्रु, भय तथा ग्रह-दोषों से रक्षा मानी जाती है।
महात्मा: रामभक्ति परंपरा में यह अत्यंत लोकप्रिय स्तोत्र है और नित्य पाठ तथा संकट-निवारण के लिए इसका प्रयोग होता है।
प्रसिद्ध कथन
चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्॥ (प्रारंभ)
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स्रोत: राम रक्षा स्तोत्र