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सरमा

रामायण एवं रामचरितमानस

रामायणराक्षसीसुन्दरकाण्ड

सरमा लंका की एक राक्षसी थी जो सीता की हितैषी थी। जब रावण सीता को झुकाने के लिए अनेक उपाय करता था, तब सरमा सीता के पास आकर उन्हें सांत्वना देती थी।

एक बार रावण ने सीता को राम का मिथ्या कटा हुआ सिर दिखाकर उन्हें टूटा हुआ अनुभव कराया। तब सरमा ने सीता को बताया कि राम जीवित और सुरक्षित हैं तथा वानर-सेना सहित लंका पहुँच चुके हैं।

सरमा ने ही सीता को राम के आगमन का समाचार दिया। कुछ परंपराओं में सरमा को विभीषण की पत्नी माना गया है।

नाते-रिश्ते

  • पति (परंपरा): विभीषण
  • हितैषी: सीता
  • सहचरी: त्रिजटा

प्रसिद्ध कथन

सरमा ने सीता से कहा — "राम जीवित और कुशल हैं; वे वानर-सेना सहित लंका पहुँच चुके हैं। शोक छोड़ो, तुम्हारा मिलन शीघ्र होगा।" (भावानुवाद)

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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकाण्ड / युद्धकाण्ड