शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

मध्व भाष्य

ग्रंथ

अन्य नाम: ब्रह्मसूत्र भाष्य, मध्व ब्रह्मसूत्र भाष्य

रचयिता / कर्ता: मध्वाचार्य

द्वैत वेदांतब्रह्मसूत्रभाष्य

यह ब्रह्मसूत्र पर मध्वाचार्य द्वारा रचित भाष्य है। ब्रह्मसूत्र बादरायण का सूत्र-ग्रंथ है, जो वेदांत का आधार माना जाता है।

मध्वाचार्य द्वैत (तत्त्ववाद) वेदांत संप्रदाय के प्रवर्तक आचार्य हैं। उनके अनुसार विष्णु ही परम स्वतंत्र तत्त्व हैं, और जीव तथा जगत् उन पर आश्रित होते हुए भी सदा उनसे भिन्न रहते हैं।

भाष्य में भगवान् की सर्वोच्चता, जीवों के भेद, कर्म और भक्ति का निरूपण है तथा अद्वैत का खंडन किया गया है। यह द्वैत वेदांत संप्रदाय का मूल ग्रंथ है।

प्रसिद्ध कथन

जन्माद्यस्य यतः। (ब्रह्मसूत्र १.१.२)
(भावानुवाद) विष्णु ही परम स्वतंत्र तत्त्व हैं; जीव और जगत् उन पर आश्रित हैं और सदा उनसे भिन्न रहते हैं।

संबंधित

ब्रह्मसूत्रवेदांतरामानुज श्रीभाष्यशांकर भाष्य (ब्रह्मसूत्र)निंबार्क भाष्य

स्रोत: ब्रह्मसूत्र भाष्य