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अष्टविनायक यात्रा

तीर्थ यात्राएँ

अन्य नाम: अष्टविनायक, आठ गणपति यात्रा, अष्ट विनायक

गणेशमहाराष्ट्रतीर्थ

अष्टविनायक यात्रा महाराष्ट्र में भगवान गणेश के आठ प्रसिद्ध स्वयंभू स्थानों की यात्रा है। ये हैं — मोरेश्वर (मोरगाँव), सिद्धिविनायक (सिद्धटेक), बल्लालेश्वर (पाली), वरदविनायक (महड), चिंतामणि (थेऊर), गिरिजात्मज (लेण्याद्री), विघ्नेश्वर (ओझर) और महागणपति (रांजणगाँव)।

ये आठों स्थल महाराष्ट्र के पुणे, अहमदनगर और रायगड जिलों में फैले हैं और परस्पर निकट हैं। यात्रा प्रायः मोरगाँव से आरम्भ और वहीं समाप्त होती है, तथा सामान्यतः तीन दिन में पूरी हो जाती है।

गणेश पुराण और मुद्गल पुराण में इन क्षेत्रों का वर्णन मिलता है। परम्परा में अष्टविनायक की यात्रा को मनोकामना-पूर्ति और विघ्न-नाश के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

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स्रोत: गणेश पुराण / मुद्गल पुराण