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लंका दहन

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: हनुमान द्वारा लंका दहन, अशोक वाटिका

सुन्दरकाण्डहनुमानसीताअशोक वाटिका

सीता की खोज में वानर-दल भेजे गए। हनुमान समुद्र को लाँघकर लंका पहुँचे और छोटा रूप धारण कर रात्रि में नगरी में प्रवेश किया।

अशोक वाटिका में उन्होंने सीता को पाया, जो रावण के बंदीगृह में तपस्विनी के रूप में दुःखी थीं। हनुमान ने श्रीराम की मुद्रिका सीता को दी और उनका चूड़ामणि लेकर सीता का सन्देश लिया।

लौटते समय हनुमान ने वाटिका उजाड़ी, जिससे रावण के पुत्र अक्षय कुमार सहित अनेक राक्षस मारे गए। रावण ने क्रुद्ध होकर हनुमान की पूँछ में आग लगवाई।

हनुमान ने पूँछ बढ़ाकर लंका के भवनों, महलों और टावरों पर आग लगा दी और नगरी जल उठी। तब हनुमान सीता से पुनः दर्शन करके समुद्र पार लौटे और राम को सन्देश पहुँचाया। यह प्रसंग हनुमान के बल, बुद्धि और भक्ति का प्रसिद्ध उदाहरण है।

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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकाण्ड