सत्यभामा
महाभारत
अन्य नाम: सत्यभामा
सत्यभामा यादव सत्राजित की पुत्री और श्रीकृष्ण की प्रिय पत्नी थीं। सत्राजित के पास स्यमंतक मणि थी, जिसके विषय में शटीकृत संदेह के बाद सत्यभामा का विवाह कृष्ण से हुआ।
सत्यभामा साहसी और उग्र स्वभाव की थीं। नरकासुर के वध की कथा में वे कृष्ण के साथ गईं और उन्होंने नरकासुर पर वार किया। परंपरा में नरकासुर की माता भूमि की प्रार्थना पर उसका वध सत्यभामा के हाथ से हुआ।
सत्यभामा को तुलसी (वृंदा) के साथ जुड़ी कथाएँ भी हैं। वे कृष्ण की वीरता-प्रेम और साहसी सहचरी के रूप में स्मरणीय हैं।
नाते-रिश्ते
- पिता: सत्राजित
- पति: कृष्ण
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
तुलसी (वृंदा) से जुड़ी पूर्वजन्म-कथा; नरकासुर के वध में सहयोग।
संबंधित
स्रोत: महाभारत – सभा पर्व, हरिवंश पर्व