गदा युद्ध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: गदा पर्व, भीम-दुर्योधन गदा युद्ध
शल्य-वध के बाद दुर्योधन के अतिरिक्त सभी कौरव योद्धा मारे जा चुके थे। द्वैपायन सरोवर के पास भीम और दुर्योधन के बीच गदा-युद्ध हुआ।
दोनों ने द्रोणाचार्य से ही गदा-युद्ध की शिक्षा ली थी और दोनों बल में समान थे। दुर्योधन की गदा-चालन की कला भीम से अधिक कुशल थी, पर भीम में असीम बल था।
युद्ध में दुर्योधन ने भीम पर बार-बार गदा का प्रहार किया और भीम को घायल किया। बलराम दोनों को देखते रहे और उनका झुकाव दुर्योधन के पक्ष में था।
अंत में श्रीकृष्ण ने भीम को स्मरण कराया कि उसने चीरहरण के समय दुर्योधन की जाँघ तोड़ने की प्रतिज्ञा की थी। तब भीम ने धर्म-विरुद्ध जाँघ पर प्रहार करके दुर्योधन को गिरा दिया। बलराम ने भीम की इस चाल की निंदा की, पर युद्ध भीम के पक्ष में समाप्त हुआ।
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स्रोत: महाभारत – शल्य पर्व