रघुवंश
वंशावली
अन्य नाम: रघुकुल, रघुवंशी
रघुवंश सूर्यवंश (इक्ष्वाकु वंश) की वह शाखा है जो राजा रघु के नाम पर प्रसिद्ध हुई। रघु के पिता दिलीप थे।
इस वंश में क्रमशः दिलीप, रघु, अज, दशरथ, राम और कुश हुए। रघु के बाद उनके पुत्र अज और अज के पुत्र दशरथ हुए, और दशरथ के पुत्र राम थे।
कालिदास के महाकाव्य 'रघुवंशम्' तथा वाल्मीकि रामायण में इस वंश का वर्णन मिलता है।
नाते-रिश्ते
- दिलीप
- रघु
- अज
- दशरथ
- राम
- कुश
प्रसिद्ध कथन
रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्राण जाहुँ बरु बचनु न जाई — तुलसीदास, रामचरितमानस
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण, रघुवंशम् (कालिदास)