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षट्कर्म

आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग

अन्य नाम: षट्कर्म, षट् कर्म, शुद्धि क्रिया

योगषट्कर्महठयोगशुद्धि

षट्कर्म हठयोग की छह शुद्धि-क्रियाएँ हैं। इनका उद्देश्य शरीर के मल तथा दोषों को निकालना और साधना के योग्य शरीर बनाना है।

हठयोगप्रदीपिका में कहा गया है कि धौति, बस्ति, नेति, त्राटक, नौलि तथा कपालभाति — ये छह कर्म हैं। इन्हें प्राणायाम से पहले करने का विधान है।

षट्कर्म से शरीर शुद्ध, स्वस्थ तथा निरोग होता है। यह प्राणायाम और आगे की साधना की तैयारी माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

धौतिर्बस्तिस्तथा नेतिस्त्राटकं नौलिकं तथा। कपालभातिश्चैतानि षट्कर्माणि प्रचक्षते॥ (हठयोगप्रदीपिका)

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स्रोत: हठयोगप्रदीपिका