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अंशुमान

रामायण एवं रामचरितमानस

अन्य नाम: अंशुमत्

इक्ष्वाकु वंशसगर-पौत्रगंगावतरण

अंशुमान इक्ष्वाकु वंश के एक प्रतापी राजा थे। वे राजा सगर के पौत्र, असमंजस के पुत्र और दिलीप के पिता थे।

सगर के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा इंद्र ने छिपा दिया था। खोज में निकले सगर के साठ हजार पुत्र कपिल मुनि के शाप से भस्म हो गए।

अंशुमान ने उस घोड़े को खोज निकाला और अपने पितरों के उद्धार के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाने की तपस्या की, पर सफल न हुए। बाद में उनके पुत्र दिलीप और पौत्र भगीरथ ने यह कार्य पूर्ण किया। इस प्रकार अंशुमान गंगावतरण की परंपरा में महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

नाते-रिश्ते

  • पिता: असमंजस
  • पुत्र: दिलीप
  • पितामह: सगर
  • वंश: इक्ष्वाकु

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सगरदिलीपभगीरथइक्ष्वाकु

स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकाण्ड