सौप्तिक पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: सौप्तिकपर्व, सौप्तिक पर्व, दशम पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
सौप्तिक पर्व महाभारत का दसवाँ पर्व है, जिसमें दुर्योधन की मृत्यु से क्रुद्ध अश्वत्थामा का रात्रि-आक्रमण वर्णित है।
अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा मिलकर सोते हुए पांडव-शिविर पर आक्रमण करते हैं और द्रौपदी के पुत्रों (उपपांडवों) तथा अनेक योद्धाओं को मार डालते हैं।
अश्वत्थामा पांडवों पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करते हैं, जिसे अर्जुन द्वारा रोका जाता है। इससे उत्तरा के गर्भ को हानि पहुँचती है।
अंत में अश्वत्थामा को शाप मिलता है और उनका मणि छीन लिया जाता है। यह पर्व युद्ध की निर्ममता और उसके दीर्घ परिणाम दर्शाता है।
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स्रोत: महाभारत, सौप्तिक पर्व