वसुदेव
महाभारत
अन्य नाम: आनकदुंदुभि, वसुदेव
वसुदेव यादवों की वृष्णि शाखा के प्रमुख नरेश थे और शूरसेन के पुत्र थे। उनका एक नाम आनकदुंदुभि भी था। उनका विवाह देवकी तथा रोहिणी से हुआ।
कंस ने अपनी बहन देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया, क्योंकि आकाशवाणी ने कहा था कि देवकी के आठवें पुत्र से उसका वध होगा। वसुदेव ने कारागार में ही कृष्ण और बलराम के जन्म का समय देखा और कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल पहुँचाया।
बाद में कंस के वध और यादवों के उत्थान में वसुदेव की भूमिका रही। वे द्वारका के राजनीतिक जीवन में भी सक्रिय थे। वसुदेव यादव-कुल और कृष्ण-कथा की मूल पृष्ठभूमि के पात्र हैं।
नाते-रिश्ते
- पिता: शूरसेन
- पत्नी: देवकी
- पत्नी: रोहिणी
- पुत्र: कृष्ण
- पुत्र: बलराम
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व, सभा पर्व