शूर्पणखा
रामायण एवं रामचरितमानस
अन्य नाम: शूर्पनखा
शूर्पणखा रावण की बहन, विश्रवा और कैकसी की पुत्री तथा कुंभकर्ण और विभीषण की सहोदरा थी। वह कालकेतु (विद्युज्जिह्व) की विधवा थी।
पंचवटी में वह राम पर मोहित हुई; ठुकराए जाने पर उसने सीता पर आक्रमण किया, तब लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए।
लज्जित और क्रुद्ध होकर वह लंका गई और रावण को सीता के रूप-सौंदर्य का वर्णन कर उसके हरण के लिए उकसाया। इस प्रकार उसका अपमान राम-रावण युद्ध का प्रत्यक्ष कारण बना।
नाते-रिश्ते
- भाई: रावण, कुंभकर्ण, विभीषण
- पति: कालकेतु (विद्युज्जिह्व)
प्रसिद्ध कथन
रावण से: "हे भ्राता, राम की पत्नी सीता अत्यंत रूपवती है; उसे पाकर तुम तीनों लोकों के स्वामी बनोगे।" (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण – अरण्यकाण्ड; रामचरितमानस – अरण्यकाण्ड