शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

भविष्य पुराण

ग्रंथ

अन्य नाम: भविष्यपुराण

रचयिता / कर्ता: वेदव्यास

पुराणमहापुराणभविष्य

भविष्य पुराण अट्ठारह महापुराणों में एक है और अपने भविष्य-कथन तथा 'भविष्यत् पर्व' के कारण विशेष रूप से जाना जाता है। इसके रचयिता वेदव्यास माने जाते हैं।

ग्रंथ मुख्यतः चार पर्वों में विभाजित है — ब्राह्म पर्व, वैष्णव पर्व, शैव पर्व और प्रतिसर्ग पर्व। इसमें सृष्टि, राजवंशों का वर्णन तथा भविष्य में होने वाली घटनाओं का वर्णन है।

मुख्य विषयों में व्रत-पर्व, तीर्थ-माहात्म्य, दान-धर्म तथा सूर्य, शिव और विष्णु की उपासना है। ग्रंथ की कुछ सामग्री अपेक्षाकृत परवर्ती काल की मानी जाती है।

महात्मा: यह पुराण भारतीय परंपरा में भविष्य-वर्णन तथा व्रत-पर्व संबंधी सामग्री का स्रोत है।

संबंधित

सूर्यशिवविष्णुव्रत

स्रोत: भविष्य पुराण