धर्मसूत्र
ग्रंथ
अन्य नाम: धर्म सूत्र
रचयिता / कर्ता: परंपरा-प्रसिद्ध
धर्मसूत्र कल्प-साहित्य के उस भाग को कहते हैं जिसमें धर्म, कर्तव्य, आचार, राजधर्म और प्रायश्चित के नियम सूत्र-रूप में दिए गए हैं। ये स्मृति-साहित्य से पूर्ववर्ती माने जाते हैं और धर्मशास्त्र की नींव रखते हैं।
गौतम, बौधायन, आपस्तंब, वसिष्ठ और मनु जैसे ऋषियों के नाम से धर्मसूत्र प्रसिद्ध हैं। इनकी रचना-परंपरा वैदिक काल के उत्तरार्ध की मानी जाती है, पर तिथियाँ निश्चित नहीं, इसलिए ये परंपरा-प्रसिद्ध हैं।
इनका विषय वर्णाश्रम-धर्म, राजा के कर्तव्य, दंड-विधि, दान, शुद्धि और पाप-प्रायश्चित है। धर्मसूत्र भारतीय विधि और नैतिक परंपरा के आदि स्रोत हैं, जिनसे आगे मनुस्मृति आदि स्मृतियाँ विकसित हुईं।
संबंधित
स्रोत: धर्मसूत्र (गौतम, बौधायन, आपस्तंब, वसिष्ठ आदि)