सौंदरानंद
ग्रंथ
अन्य नाम: सौन्दरानन्द, सौंदरानंदम्
रचयिता / कर्ता: अश्वघोष
सौंदरानंद अश्वघोष की रचना है, जिसमें बुद्ध अपने सौतेले भाई नंद को संसार-मोह से हटाकर मोक्ष-मार्ग में लाते हैं।
रचयिता अश्वघोष हैं। ग्रंथ अठारह सर्गों में माना जाता है और इसे बुद्धचरित की परवर्ती कृति माना जाता है।
विषय वैराग्य, बोध और बौद्ध धर्म-दर्शन है। सौंदरानंद काव्य-सौंदर्य और दार्शनिक गहराई का सुंदर संगम माना जाता है।
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स्रोत: सौंदरानंद (अश्वघोष)