माध्यंदिन शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: माध्यंदिनी शाखा, मध्यंदिन शाखा
रचयिता / कर्ता: माध्यंदिन / परंपरा-प्रसिद्ध
माध्यंदिन शाखा शुक्ल यजुर्वेद की शाखा है और यह वाजसनेयी संहिता के माध्यंदिन पाठ का अनुसरण करती है।
यह तैत्तिरीय के साथ सर्वाधिक प्रचलित वैदिक शाखा है और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बंगाल, असम तथा नेपाल में फैली है।
इसका ब्राह्मण शतपथ ब्राह्मण (माध्यंदिन) है; यहाँ संहिता में मन्त्र और ब्राह्मण अलग-अलग रखे गए हैं।
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स्रोत: vedicheritage.gov.in (Yajurveda); harekrsna.com