कश्यप
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: कश्यप ऋषि, प्रजापति, देव-दैत्य-पिता, मरीचि-पुत्र
कश्यप सप्तर्षियों में एक और सृष्टि-विस्तार के महान प्रजापति हैं। वे ब्रह्मा के पुत्र मरीचि के पुत्र हैं। पुराणों में उन्हें समस्त प्रमुख प्रजातियों — देवता, दैत्य, दानव, नाग, गरुड़, अप्सराएँ आदि — का पिता बताया गया है, क्योंकि उनकी अनेक पत्नियों से भिन्न-भिन्न जातियाँ उत्पन्न हुईं।
उनकी प्रमुख पत्नियाँ हैं — अदिति (जिनसे देवता/आदित्य और वामन अवतार), दिति (जिनसे दैत्य), कद्रू (नाग), विनता (गरुड़-अरुण), दनु (दानव), सुरभि (गौएँ), तथा इरा, मुनि, क्रोधा आदि। इस प्रकार कश्यप को 'देव-दैत्य-आदि सबके पिता' कहा जाता है।
कश्यप का एक प्रसिद्ध प्रसंग उनकी पत्नियों अदिति व दिति की प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है — दिति ने देवताओं को हराने वाले पुत्र की कामना की, जिससे दैत्य उत्पन्न हुए। वामन अवतार अदिति के पुत्र रूप में हुआ। रामायण में कश्यप जटायु, संपाति और गरुड़ के पिता हैं।
कश्यप की महिमा विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण और रामायण में विस्तृत है।
नाते-रिश्ते
- पिता: मरीचि
- पत्नी: अदिति, दिति, कद्रू, विनता, दनु
- पुत्र: देवता, दैत्य, नाग, गरुड़
प्रसिद्ध कथन
संबंधित
स्रोत: विष्णु पुराण; श्रीमद्भागवत पुराण; रामायण