विराट युद्ध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: गोहरण युद्ध, विराट युद्ध, उत्तरगोग्रहण
अज्ञातवास के अंतिम समय में कौरवों ने विराट नगर के गो-धन को लूटने के लिए आक्रमण किया। विराट-पुत्र उत्तर युद्ध के लिए गया, पर सामने कौरवों को देखकर भयभीत हो गया।
वृहन्नला वेश में रहे अर्जुन ने उत्तर का सारथी बनकर उसे युद्ध के लिए प्रेरित किया। रास्ते में अर्जुन ने शमी वृक्ष पर छिपाए अपने गांडीव धनुष, दिव्यास्त्र और वस्त्र निकाले और अपना वास्तविक परिचय दिया।
अर्जुन ने कौरव-सेना पर आक्रमण किया। उसने भीष्म, द्रोण, कृपा, कर्ण, अश्वत्थामा आदि सभी महारथियों को पराजित किया और भीष्म तथा द्रोण को मूर्छित कर दिया।
अर्जुन ने कौरवों की सेना को खदेड़कर विराट के गो-धन को वापस लाया। इस युद्ध से अर्जुन का वास्तविक परिचय खुल गया, पर तेरहवाँ वर्ष पूरा हो चुका था, इसलिए अज्ञातवास की शर्त भंग नहीं मानी गई।
संबंधित
स्रोत: महाभारत – विराट पर्व