धन्वंतरि
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: धन्वंतरि, धन्वन्तरि, आयुर्वेद देवता
धन्वंतरि देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के आदि आचार्य माने जाते हैं। समुद्र मंथन में वे अमृत से भरा स्वर्ण कलश लेकर प्रकट हुए — यही अंतिम रत्न 'अमृत' था।
उन्हें श्याम वर्ण, चार भुजाओं वाला और हाथ में अमृत-कलश धारण करने वाला बताया गया है। परंपरा में उन्हें विष्णु का अंश या अवतार भी माना जाता है।
अमृत को लेकर देव-असुरों में विवाद हुआ; तब विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर अमृत देवताओं को पिलाया। कुछ परंपराओं में धन्वंतरि को काशी के राजा दिवोदास के रूप में अवतरण का वर्णन मिलता है।
आयुर्वेद परंपरा 'धन्वंतरि संहिता' को उनसे जोड़ती है। धन्वंतरि-जयंती धनतेरस के दिन मनाई जाती है।
नाते-रिश्ते
- अंश: विष्णु
- जन्म: समुद्र मंथन
- जयंती: धनतेरस
संबंधित
स्रोत: समुद्र मंथन प्रसंग, श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण