प्राणायाम
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: प्राणायाम
प्राणायाम अष्टांग योग का चौथा अंग है। इसमें श्वास-प्रश्वास की गति को नियंत्रित किया जाता है। प्राण का अर्थ है जीवन-शक्ति और आयाम का अर्थ है विस्तार या नियंत्रण।
योग सूत्र में कहा गया है कि आसन सिद्ध होने पर श्वास-प्रश्वास की गति का विच्छेद प्राणायाम है। हठयोगप्रदीपिका में कुंभक, रेचक तथा पूरक आदि का वर्णन है।
प्राणायाम से मन शांत, शरीर ऊर्जावान् तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती मानी जाती है। यह धारणा तथा ध्यान की तैयारी है।
प्रसिद्ध कथन
तस्मिन्सति श्वासप्रश्वासयोर्गतिविच्छेदः प्राणायामः। (योग सूत्र 2.49)
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स्रोत: योग सूत्र