नक्षत्र एवं राशि
27 नक्षत्र, 12 राशि, 12 मास एवं 7 वार — ज्योतिष एवं काल-गणना।
अश्विनी नक्षत्रमेष राशि के आरंभ में स्थित, स्वामी केतु, अधिदेवता अश्विनी कुमार; प्रतीक घोड़े का मुख।भरणी नक्षत्रमेष राशि के उत्तर भाग में स्थित, स्वामी शुक्र, अधिदेवता यम; प्रतीक योनि।कृत्तिका नक्षत्रमेष के अंत और वृष के आरंभ में स्थित, स्वामी सूर्य, अधिदेवता अग्नि; प्रतीक अग्नि-शिखा।रोहिणी नक्षत्रवृष राशि के मध्य में स्थित, स्वामी चंद्र, अधिदेवता प्रजापति ब्रह्मा; प्रतीक रथ।मृगशिरा नक्षत्रवृष के अंत और मिथुन के आरंभ में स्थित, स्वामी मंगल, अधिदेवता सोम; प्रतीक हिरण का मुख।आर्द्रा नक्षत्रमिथुन राशि के मध्य में स्थित, स्वामी राहु, अधिदेवता रुद्र; प्रतीक आँसू या रत्न।पुनर्वसु नक्षत्रमिथुन के अंत और कर्क के आरंभ में स्थित, स्वामी बृहस्पति, अधिदेवता अदिति; प्रतीक धनुष।पुष्य नक्षत्रकर्क राशि के मध्य में स्थित, स्वामी शनि, अधिदेवता बृहस्पति; प्रतीक गाय का थन या कमल।आश्लेषा नक्षत्रकर्क राशि के अंत में स्थित, स्वामी बुध, अधिदेवता नाग; प्रतीक कुंडलित सर्प।मघा नक्षत्रसिंह राशि के आरंभ में स्थित, स्वामी केतु, अधिदेवता पितृगण; प्रतीक राजसिंहासन।पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्रसिंह राशि के मध्य में स्थित, स्वामी शुक्र, अधिदेवता भग; प्रतीक चारपाई का अग्र भाग।उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्रसिंह के अंत और कन्या के आरंभ में स्थित, स्वामी सूर्य, अधिदेवता अर्यमन; प्रतीक चारपाई का पिछला भाग।हस्त नक्षत्रकन्या राशि के मध्य में स्थित, स्वामी चंद्र, अधिदेवता सविता; प्रतीक हथेली।चित्रा नक्षत्रकन्या के अंत और तुला के आरंभ में स्थित, स्वामी मंगल, अधिदेवता विश्वकर्मा; प्रतीक चमकता रत्न।स्वाति नक्षत्रतुला राशि के मध्य में स्थित, स्वामी राहु, अधिदेवता वायु; प्रतीक युवा अंकुर।विशाखा नक्षत्रतुला के अंत और वृश्चिक के आरंभ में स्थित, स्वामी बृहस्पति, अधिदेवता इंद्राग्नि; प्रतीक तोरण।अनुराधा नक्षत्रवृश्चिक राशि के मध्य में स्थित, स्वामी शनि, अधिदेवता मित्र; प्रतीक कमल।ज्येष्ठा नक्षत्रवृश्चिक राशि के अंत में स्थित, स्वामी बुध, अधिदेवता इंद्र; प्रतीक कुंडल या छत्र।मूल नक्षत्रधनु राशि के आरंभ में स्थित, स्वामी केतु, अधिदेवता निर्ऋति; प्रतीक बंधी जड़ें।पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रधनु राशि के मध्य में स्थित, स्वामी शुक्र, अधिदेवता अपः (जल); प्रतीक पंखा।उत्तराषाढ़ा नक्षत्रधनु के अंत और मकर के आरंभ में स्थित, स्वामी सूर्य, अधिदेवता विश्वेदेवा; प्रतीक हाथी का दाँत।श्रवण नक्षत्रमकर राशि के मध्य में स्थित, स्वामी चंद्र, अधिदेवता विष्णु; प्रतीक कान।धनिष्ठा नक्षत्रमकर के अंत और कुंभ के आरंभ में स्थित, स्वामी मंगल, अधिदेवता वसुगण; प्रतीक ढोल।शतभिषा नक्षत्रकुंभ राशि के मध्य में स्थित, स्वामी राहु, अधिदेवता वरुण; प्रतीक खाली वृत्त।पूर्वा भाद्रपद नक्षत्रकुंभ के अंत और मीन के आरंभ में स्थित, स्वामी बृहस्पति, अधिदेवता अज एकपाद; प्रतीक तलवार।उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रमीन राशि के मध्य में स्थित, स्वामी शनि, अधिदेवता अहिर्बुध्न्य; प्रतीक जुड़वाँ या पिछला भाग।रेवती नक्षत्रमीन राशि के अंत में स्थित, स्वामी बुध, अधिदेवता पूषन; प्रतीक मछली या ढोल।मेष राशिमंगल-स्वामी, अग्नि तत्व की प्रथम चर राशि; साहस, ऊर्जा और नेतृत्व की प्रतीक।वृषभ राशिशुक्र-स्वामी, पृथ्वी तत्व की स्थिर राशि; धैर्य, स्थिरता और भोग-सामग्री की प्रतीक।मिथुन राशिबुध-स्वामी, वायु तत्व की द्विस्वभाव राशि; बुद्धि, वाणी और संवाद की प्रतीक।कर्क राशिचंद्र-स्वामी, जल तत्व की चर राशि; भावना, मातृत्व और मन की प्रतीक।सिंह राशिसूर्य-स्वामी, अग्नि तत्व की स्थिर राशि; तेज, अधिकार और आत्म-विश्वास की प्रतीक।कन्या राशिबुध-स्वामी, पृथ्वी तत्व की द्विस्वभाव राशि; विवेक, सेवा और सूक्ष्मता की प्रतीक।तुला राशिशुक्र-स्वामी, वायु तत्व की चर राशि; संतुलन, न्याय और सौंदर्य की प्रतीक।वृश्चिक राशिमंगल-स्वामी, जल तत्व की स्थिर राशि; गूढ़ता, संकल्प और गहन भावना की प्रतीक।धनु राशिगुरु-स्वामी, अग्नि तत्व की द्विस्वभाव राशि; धर्म, ज्ञान और लक्ष्य-साधना की प्रतीक।मकर राशिशनि-स्वामी, पृथ्वी तत्व की चर राशि; अनुशासन, कर्म और धीरज की प्रतीक।कुंभ राशिशनि-स्वामी, वायु तत्व की स्थिर राशि; चिंतन, जन-हित और नवीनता की प्रतीक।मीन राशिगुरु-स्वामी, जल तत्व की द्विस्वभाव राशि; करुणा, कल्पना और आध्यात्म की प्रतीक।चैत्र मासहिन्दू वर्ष का पहला चांद्र मास; चित्रा नक्षत्र से नाम, वसंत ऋतु और नववर्ष का आरम्भ।वैशाख मासविशाखा नक्षत्र से नामित वसंत का दूसरा मास; अक्षय तृतीया का पवित्र पर्व।ज्येष्ठ मासज्येष्ठा नक्षत्र से नामित ग्रीष्म का मास; गंगा दशहरा और वट सावित्री व्रत।आषाढ़ मासआषाढ़ा नक्षत्र से नामित मास; गुरु पूर्णिमा और देवशयनी एकादशी का पर्व।श्रावण मासश्रवण नक्षत्र से नामित वर्षा का मास; शिव-उपासना, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी।भाद्रपद मासभाद्रपद नक्षत्र से नामित वर्षा का मास; गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष।आश्विन मासअश्विनी नक्षत्र से नामित शरद का मास; नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व।कार्तिक मासकृत्तिका नक्षत्र से नामित शरद का मास; दीपावली और देव दीपावली।अग्रहायण मासमृगशिरा नक्षत्र से नामित हेमंत का मास; गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी।पौष मासपुष्य नक्षत्र से नामित हेमंत का मास; पुत्रदा एकादशी और शाकंभरी पूर्णिमा।माघ मासमघा नक्षत्र से नामित शिशिर का मास; माघ स्नान, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा।फाल्गुन मासफाल्गुनी नक्षत्र से नामित शिशिर का अंतिम मास; महाशिवरात्रि और होली।रविवारसूर्य का वार; सूर्य-उपासना, अधिकार और स्वास्थ्य से जुड़ा दिन।सोमवारचंद्र का वार; शिव-उपासना, मन और मातृ-भावना से जुड़ा दिन।मंगलवारमंगल का वार; हनुमान-उपासना, साहस और संपत्ति से जुड़ा दिन।बुधवारबुध का वार; गणेश-उपासना, बुद्धि और व्यापार से जुड़ा दिन।गुरुवारबृहस्पति (गुरु) का वार; गुरु-विष्णु उपासना और शुभ कार्यों का दिन।शुक्रवारशुक्र का वार; लक्ष्मी-संतोषी उपासना, सौंदर्य और समृद्धि का दिन।शनिवारशनि का वार; शनि-हनुमान उपासना, संयम और कर्म का दिन।