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मृगशिरा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: मृगशिर, मृगशीर्ष

नक्षत्रमिथुन राशिमंगलखोज

मृगशिरा नक्षत्र वृष राशि के अंतिम भाग और मिथुन राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह मंगल और अधिदेवता सोम (चंद्र) हैं। इसका प्रतीक हिरण का मुख है, जो कोमलता और खोज का सूचक है।

यह वृष के 23 अंश 20 कलां से मिथुन के 6 अंश 40 कलां तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का पाँचवाँ नक्षत्र है।

मृगशिरा के जातक जिज्ञासु, चंचल और खोजी स्वभाव के होते हैं। यह नक्षत्र प्रेम, सौंदर्य और अनुसंधान का प्रतीक माना गया है। इसका महत्व कोमलता और सतर्कता के संतुलन में माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ सोमाय नमः

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स्रोत: बृहत् संहिता