पौष मास
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: पूस
पौष मास चांद्र-वर्ष का दसवाँ मास है। इसकी पूर्णिमा पुष्य नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम पौष पड़ा। यह हेमंत ऋतु का दूसरा मास है और इसके अधिष्ठाता विष्णु का गोविन्द स्वरूप माने जाते हैं।
पुष्य नक्षत्र से इस मास का नाम बना। शीत की चरमता और मकर संक्रांति का काल इस मास के आसपास आता है।
पौष पुत्रदा एकादशी और शाकंभरी पूर्णिमा इस मास के प्रमुख व्रत-पर्व हैं। इस मास में तिल-दान और स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
पौष मास की पूर्णिमा पुष्य नक्षत्र में होती है, इसीलिए इसका नाम पौष पड़ा (भावानुवाद)।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध