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धनिष्ठा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: धनिष्ठ, धनिष्ठा तारा

नक्षत्रकुंभ राशिमंगलसंपदा

धनिष्ठा नक्षत्र मकर राशि के अंतिम भाग और कुंभ राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह मंगल और अधिदेवता वसुगण हैं। इसका प्रतीक ढोल या तबला है, जो लय और संपदा का सूचक है।

यह मकर के 23 अंश 20 कलां से कुंभ के 6 अंश 40 कलां तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का तेईसवाँ नक्षत्र है।

धनिष्ठा के जातक परिश्रमी, साहसी और धन-संचय करने वाले होते हैं। यह नक्षत्र संगीत, संपदा और समूह-शक्ति का प्रतीक माना गया है। इसे परिश्रम और समृद्धि का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ वसुभ्यो नमः

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स्रोत: बृहत् संहिता