बुधवार
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: बुधवासर
बुधवार सप्ताह का चौथा वार है और इसका स्वामी-ग्रह बुध है। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। इसके अधिष्ठाता देव गणेश (और विष्णु) हैं और इस दिन गणेश-उपासना का विधान है।
वारों की उत्पत्ति होरा-गणना से मानी जाती है। बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक ग्रह है, इसलिए यह वार बौद्धिक कार्यों से जुड़ा माना जाता है।
बुधवार को गणेश-पूजन, विद्या-आरम्भ और लेखन-कार्य शुभ माने जाते हैं। शिक्षा, संवाद और व्यापार के लिए यह वार उपयुक्त माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ बुधाय नमः॥
ॐ गं गणपतये नमः॥
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स्रोत: सूर्य सिद्धांत