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आश्लेषा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: आश्लेष, सर्प नक्षत्र

नक्षत्रकर्क राशिबुधगूढ़ता

आश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि के अंतिम भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह बुध और अधिदेवता नाग (सर्प) हैं। इसका प्रतीक कुंडलित सर्प है, जो गूढ़ता और पकड़ का सूचक है।

यह कर्क राशि के 16 अंश 40 कलां से 30 अंश तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का नौवाँ नक्षत्र है।

आश्लेषा के जातक तीव्र बुद्धि, गहन दृष्टि और दृढ़ संकल्प वाले होते हैं। यह नक्षत्र गूढ़ ज्ञान, कूटनीति और सतर्कता का प्रतीक माना गया है। इसे कठिन परिस्थितियों में सहनशीलता देने वाला नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ नागराजाय नमः

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स्रोत: अथर्ववेद