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पुष्य नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: पुष्य तारा, तिष्य नक्षत्र

नक्षत्रकर्क राशिशनिपोषण

पुष्य नक्षत्र कर्क राशि के मध्य भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह शनि और अधिदेवता बृहस्पति हैं। इसका प्रतीक गाय का थन या कमल है, जो पोषण और समृद्धि का सूचक है।

यह कर्क राशि के 3 अंश 20 कलां से 16 अंश 40 कलां तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। इसे तारा और चरण के आधार पर फल देने वाला माना जाता है। यह चंद्र-पथ का आठवाँ नक्षत्र है।

पुष्य के जातक पालन-पोषण करने वाले, दयालु और विश्वसनीय होते हैं। यह नक्षत्र पोषण, रक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसे मंगल कार्यों के लिए अत्यंत शुभ नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ बृहस्पतये नमः

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स्रोत: बृहत् संहिता