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भरणी नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: भरणि, भरणी तारा

नक्षत्रमेष राशिशुक्रसंयम

भरणी नक्षत्र मेष राशि के उत्तर भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह शुक्र और अधिदेवता यम हैं, जो धर्म और न्याय के अधिष्ठाता माने जाते हैं। इसका प्रतीक योनि है, जो सृजन और धारण शक्ति का सूचक है।

यह मेष राशि के 13 अंश 20 कलां से 26 अंश 40 कलां तक विस्तृत है और इसके चार चरण होते हैं। इसे तारा और चरण के आधार पर शुभ-अशुभ फल देने वाला माना जाता है। यह चंद्र-पथ का दूसरा नक्षत्र है।

भरणी के जातक परिश्रमी, धैर्यवान और जिम्मेदार स्वभाव के होते हैं, किंतु कभी कठोर भी हो सकते हैं। यह नक्षत्र धारण, संयम और न्याय से जुड़ा माना गया है। कठिन कार्य को पूरा करने के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ यमाय नमः

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स्रोत: अथर्ववेद