उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: उत्तराषाढा, उत्तराषाढ़ा तारा
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र धनु राशि के अंतिम भाग और मकर राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह सूर्य और अधिदेवता विश्वेदेवा हैं। इसका प्रतीक हाथी का दाँत है, जो स्थायी विजय का सूचक है।
यह धनु के 26 अंश 40 कलां से मकर के 10 अंश तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का इक्कीसवाँ नक्षत्र है।
उत्तराषाढ़ा के जातक धैर्यवान, नीतिपूर्ण और दृढ़ निश्चय वाले होते हैं। यह नक्षत्र स्थायी विजय, नेतृत्व और धर्म का प्रतीक माना गया है। इसे दीर्घकालिक सफलता का नक्षत्र कहा जाता है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ विश्वेभ्यो देवेभ्यो नमः
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स्रोत: सूर्य सिद्धांत